
झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को फिर बड़ा झटका लगा है. बीजेपी के तीन पूर्व विधायक सोमवार (22 अक्टूबर, 2024) को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) में शामिल हो गए. जेएमएम का हाथ थामने वाले नेताओं में लुईस मरांडी, कुणाल सारंगी और लक्ष्मण टुडू हैं.

सियासी पाला बदलने से जुड़ा घटनाक्रम तीन बार के बीजेपी विधायक केदार हाजरा और एजेएसयू पार्टी के नेता उमाकांत रजक के जेएमएम में शामिल होने के दो दिन बाद का है. बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक सारंगी का कहना है कि वे मंगलवार को जेएमएम में शामिल हुए.

बीजेपी के पूर्व विधायक लुईस मरांडी ने 2014 में दुमका से हेमंत सोरेन को 5262 वोटों से हराया था. लुईस मरांडी के जेएमएम में शामिल होने के तुरंत बाद झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने उनका पार्टी में स्वागत किया. सोरेन ने एक्स पर भी लिखा कि लुईस मरांडी का जेएमएम परिवार में स्वागत है.

साल 2019 में हेमंत सोरेन ने दुमका सीट 13188 मतों के अंतर से जीती थी. हालांकि, उन्होंने सीट खाली कर दी और बरहैट निर्वाचन क्षेत्र को बरकरार रखा. भाई बसंत सोरेन ने उप चुनाव में पार्टी की गढ़ दुमका में मरांडी को 6842 से अधिक मतों से हराया था.

सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को लेकर पत्र में अपने जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और बीजेपी में बढ़ती गुटबाजी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे बीजेपी ने आजादी के बाद पहली बार 2014 में दुमका में जीत हासिल की, जिसे जेएमएम का गढ़ माना जाता है.

सारंगी ने झारखंड निकाय के प्रवक्ता के पद से हटने के करीब डेढ़ महीने बाद जुलाई में पार्टी की प्राथमिकता सदस्य से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिले में विभिन्न संरचनात्मक और जन्म-मुख मुद्दों को हवाला देते हुए बीजेपी झारखंड इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को त्यागपत्र भेजा था.

झारखंड इकाई के प्रवक्ता के पद से हटाने के करीब डेढ़ महीने बाद सारंगी ने जुलाई में पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. सारंगी ने महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करने के प्रयासों के बावजूद पार्टी नेतृत्व के उदासीन रवैया पर निराशा व्यक्त की थी.
Published at : 22 Oct 2024 06:27 PM (IST)
